आपातकाल में अपनी लोकेशन भेजें
एक टैप — और आपके सटीक निर्देशांक बड़े अंकों में सामने आ जाते हैं, ताकि फ़ोन पर 112 को पढ़कर बताए जा सकें। हो सके तो पहले कॉल करें: आधुनिक फ़ोन आपातकालीन कॉल के दौरान अपनी पोज़िशन अपने आप भेज देते हैं (AML), और यह पेज आपका सहारा है ताकि आप उसे ज़ोर से पढ़ सकें। निर्देशांक सीधे GPS चिप से आते हैं: डेटा सिग्नल और इंटरनेट के बिना चलते हैं; सिर्फ़ पते की पंक्ति को कनेक्शन चाहिए। कॉल न लगे तो SMS बटन आपकी पोज़िशन संदेश में भेज देता है।
अनुमति-आधारित · निजी · Chrome, Safari, Firefox, Edge पर काम करता है
हर फ़ोन पर चलता है। डेटा सिग्नल न होने पर भी निर्देशांक दिखते हैं; कॉल कर सकते हैं तो पहले कॉल करें।
- सटीकता
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- DMS
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- नज़दीक
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निर्देशांक सीधे GPS से आते हैं और ऑफ़लाइन काम करते हैं; सिर्फ़ पते की पंक्ति को इंटरनेट चाहिए।
पहले कॉल, फिर पढ़कर बताएँ
वॉइस कॉल पहला रास्ता है: यह किसी भी उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ जाती है — भारत और यूरोप में 112, ब्रिटेन-आयरलैंड में 999, अमेरिका में 911, न्यूज़ीलैंड में 111 — और AML यानी पोज़िशन का स्वचालित प्रेषण चालू कर देती है। यह पेज आपका प्लान बी और जाँच है: इसे खुला रखें, और ऑपरेटर पोज़िशन पूछे तो बड़े अंक ज्यों के त्यों, अंक-दर-अंक पढ़ें। कॉल पहले आप न काटें — कॉल ऑपरेटर ख़त्म करता है।
डेटा न हो तब भी चलता रहता है
GPS एक रिसीवर है: फ़ोन उपग्रहों को सुनता है और कुछ भेजे बिना, इंटरनेट के बिना पोज़िशन निकाल लेता है। इसीलिए पहाड़ पर, हाइवे पर या डेटा ख़त्म होने पर भी निर्देशांक दिखते हैं। सिर्फ़ अनुमानित पते की पंक्ति को कनेक्शन चाहिए — और वह वैकल्पिक है, क्योंकि बचाव दल निर्देशांकों पर काम करते हैं। एक बार खुला पेज ऑफ़लाइन भी उपलब्ध रहता है।
कॉल न लगे तो: SMS, फिर वहीं रहें
कमज़ोर सिग्नल में कभी-कभी SMS वहाँ पहुँच जाता है जहाँ कॉल गिर जाती है। «SMS से भेजें» बटन आपके निर्देशांक तैयार संदेश में रख देता है — किसी अपने को, या जहाँ सुविधा हो वहाँ आपातकालीन नंबर पर। पोज़िशन बताने के बाद, सुरक्षित हो तो वहीं रहें: चला हुआ हर मीटर बताई गई पोज़िशन को पुराना कर देता है। बैटरी बचाएँ — चमक कम, वीडियो नहीं — मदद पहुँचने तक।
चरण-दर-चरण
- अगर हल्का-सा भी सिग्नल है तो पहले अपने स्थानीय इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें — निर्देशांकों से ज़्यादा ज़रूरी कॉल है, और आधुनिक फ़ोन में लोकेशन आमतौर पर अपने-आप भेज दी जाती है।
- बात करते हुए (या पूछे जाने पर), ऊपर “Show my exact location” पर टैप करें और बड़े निर्देशांक ज़ोर से, अंक-दर-अंक पढ़ें: “फ़ोर एट पॉइंट एट फ़ाइव एट फ़ोर नॉर्थ …”।
- बात नहीं कर पा रहे? इसके बजाय निर्देशांक टेक्स्ट करें: Share बटन पहले से ही आपकी पोज़िशन और मैप लिंक के साथ एक SMS भर देता है। कई देशों में आप इमरजेंसी नंबर पर सीधे SMS भी कर सकते हैं।
- बिल्कुल सिग्नल नहीं? निर्देशांकों को स्क्रीन पर बने रहने दें, सावधानी से ऊँची या ज़्यादा खुली जगह की तरफ़ बढ़ें, और फिर कोशिश करें — जहाँ कॉल नहीं लगती, वहाँ अक्सर टेक्स्ट पहुँच जाता है।
- ऑपरेटर को सटीकता का आँकड़ा भी बताएँ (“प्लस-माइनस 8 मीटर”) — इससे बचाव दल को पता चलता है कि पिन पर कितना भरोसा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह डेटा सिग्नल के बिना चलता है?
पहले कॉल करूँ या पहले लोकेशन भेजूँ?
निर्देशांक सही तरीक़े से कैसे पढ़ूँ?
AML क्या है — क्या मेरा फ़ोन ख़ुद पोज़िशन नहीं भेजता?
अंग्रेज़ी में देखें: How to Share Your Exact Location in an Emergency · हिन्दी